एंटीबायोटिक दवाएं हो रही कमजोर, मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने किया आगाह

नई दिल्ली

वर्ष 2025 के आखिरी 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल भारत की उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर अपनी राय भी रखी। पीएम ने सबसे बड़ी चिंता एंटी बायोटिक के उपयोग पर जताई। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारियों के खिलाफ इसकी उपयोगिता कम हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम भारतीयों के अंदर एंटी बायोटिक के उपयोग को लेकर उदासीनता है। हम बिना डॉक्टर की सलाह के भी यह दवाईयां खाने लगे हैं। पीएम ने आग्रह किया कि किसी भी तरह की दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना न खाएं।

इससे पहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि कुछ ही दिनों में 2026 दस्तक देने वाला है। मन में इस साल की कई यादें घूम रही हैं। कई उपलब्धियां ऐसी हैं, जिन्होंने पूरे देश को एक साथ जोड़ दिया और गर्व करने का मौका दिया।

पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, "इस साल ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय को गर्व करवाया। पूरी दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया के हर कोने में भारत माता के प्रति प्यार और भक्ति की तस्वीरें सामने आईं।"

2025 में खेलों में भारत की उपलब्धि की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "इस साल पुरुष क्रिकेट टीम ने आईसीसी चैंम्पियंस ट्रॉपी जीती, महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया। भारत की बेटियों ने विमेंट ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया। एशिया कप में भी भारतीय टीम ने अपना परचम लहराया।"

इसके बाद पीएम मोदी ने 2025 में विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंन कहा, "भारत ने साइंस और स्पेस के क्षेत्र में भी इस वर्ष बड़ी छलांग लगाई है। शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। पर्यावरण सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी कई पहल भी इस साल शुरू हुईं। इसके अलावा अब भारत में चीतों की संख्या भी 30 से ज्यादा हो गई है।

इस साल में आयोजित कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन ने दुनिया को हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, "2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अनोखी विरासत सब एक साथ देखने को मिली। इस आयोजन ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल के आखिर में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।

पीएम मोदी ने काशी तमिल संगमम का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा, "इस साल वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान बच्चों ने तमिल सीखने पर खासा जोर दिया। तमिल भाषा दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। मुझे खुशी है कि आज देश के दूसरे हिस्सों में भी युवाओं और बच्चों में तमिल भाषा के प्रति एक नया आकर्षण दिख रहा है। यही भाषा की ताकत है और भारत की एकता है।

 

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Source : Agency

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