असीम मुनीर को मिली बड़ी ताकत, सुप्रीम कोर्ट कमजोर—विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली 
पाकिस्तान में 27वें संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर अब तीनों सेना के प्रमुख बन गए हैं। पाकिस्तान के इतिहास में यह बड़ा बदलाव हुआ है। पाकिस्तानी असेंबली में इस बिल को 234 मतों के साथ पास किया गया। असीम मुनीर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) होंगे। असीम 27 नवंबर से इस पद का कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद परमाणु हथियारों का भी कमांड उन्हीं के हाथों में होगा। हैरानी की बात यह है कि इस संशोधन के साथ ही मुनीर की शक्तियां बढ़ गईं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों में कमी आई है। इस संशोधन के प्रावधान के तहत मुनीर अब अपने कार्यकाल को समाप्त करने के बाद भी इन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। वह ना तो रिटायर होंगे, ना उनसे यह पद लेकर किसी और को दिया जाएगा। आसान सी भाषा में कहें, तो अब वह सर्वेसर्वा होंगे।
संशोधन के अनुसार, सभी संवैधानिक मामलों को कोर्ट से हटाकर फेडरल कांस्टीट्यूशनल कोर्ट (एफसीसी) में शिफ्ट किया जाएगा। इसके तहत अब जजों की नियुक्ति भी सरकार ही करेगी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, 27वें संशोधन में आखिरी समय में कुछ बदलाव किया गया। इसके तहत फिलहाल वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान (सीजेपी) याह्या अफरीदी अपने कार्यकाल के दौरान सीजेपी के पद पर ही रहेंगे। सीजेपी अफरीदी ने अक्टूबर 2024 में 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी, ऐसे में उनका कार्यकाल तीन साल बाद खत्म होगा। संशोधन के अनुसार सीजेपी का मतलब दोनों मुख्य न्यायाधीशों में से वरिष्ठ न्यायाधीश है। यह प्रावधान अफरीदी के अपने पद से सेवानिवृत्त होने के बाद लागू होगा। यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी उनकी ताकत छीन ली गई है। मुनीर पहले पर्दे के पीछे से सरकार संभाल रहे थे, लेकिन अब लग रहा है कि वह पर्दे से बाहर आकर सत्ता संभालेंगे।
दरअसल, नेशनल कमांड अथॉरिटी पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करती थी। इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करते थे। हालांकि, इस पर भी मुनीर का कंट्रोल होगा। विपक्ष इस संशोधन के खिलाफ आवाज उठा रहा है। पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जमकर इसका विरोध कर रही है। पीटीआई नेताओं ने ना केवल सत्र का बहिष्कार किया, बल्कि विधेयक की प्रतियां भी फाड़ दी। तहरीक तहफ्फुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान ने इस संशोधन के खिलाफ जन आंदोलन का ऐलान भी किया है। हालांकि, यह आंदोलन कब होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

 

#Asim Munir

Source : Agency

4 + 12 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881