बिल्वकेश्वर महादेव एक शांत और आध्यात्मिक स्थल, आप यहाँ प्रकृति के सुंदर नजारों का आनंद ले सकते हैं

इंदौर
अगर कोई आपसे इंदौर की खूबी पूछे और पूछे कि आखिर आपके अपने शहर में सैर-सपाटे के लिए क्या है तो आपका जवाब क्या होगा। कोई कहेगा कि माल-मल्टीप्लेक्स हैं तो कोई राजवाड़ा, लालबाग पैलेस सहित कई ऐतिहासिक धरोहरों के नाम गिना देगा। कोई चाट चौपाटियों की लिस्ट थमा देगा तो कोई शहर के आसपास के धार्मिक स्थलों का ब्यौरा दे देगा।

पर शहर के आसपास कुछ स्थान ऐसे भी हैं जहां यह सब नहीं है, लेकिन फिर भी वे बहुत खूबसूरत हैं और यादगार है वहां गुजारे पलों की बातें। वास्तव में शहर में और शहर के आसपास ऐसे कई स्थान हैं जहां अपनों के साथ या अकेले भी बेहतरीन वक्त गुजारा जा सकता है।

इनमें से कुछ स्थान जाने पहचाने हैं और कुछ ऐसे हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। ऐसे ही कम जाने पहचाने स्थानों में से एक है बिल्वकेश्वर महादेव जो कि इंदौर से करीब 60 किमी दूर है।
 
उज्जैन के 84 महादेव में शामिल है ये मंदिर
यह स्थान जरूर सुनने में नया लगे, लेकिन जहां यह स्थित है उस शहर का नाम है उज्जैन। गंभीर नदी पर बने बांध के किनारे यह स्थान है और यह वह मंदिर है जिसका जिक्र उज्जैन के 84 महादेव मंदिर की सूची में आता है। यहां आप आध्यात्मिक चेतना को भी जागृत कर सकते हैं, प्रकृति के अनुपम नजारों का भी आनंद ले सकते हैं और शांति की अनुभूति भी महसूस कर सकते हैं। यही नहीं इस स्थान पर जाना ज्यादा मुश्किल भी नहीं इसलिए आप कभी भी यहां जा सकते हैं।

यात्रियों के लिए भी है सुविधा
यात्रियों के लिए है यह इस मंदिर के आसपास बेहतर सुविधा है। जहां बैठने का बेहतर स्थान है और यात्रियों के लिए भोजन बनाने की भी सुविधा है। यहां पर्यटक दाल-बाटी की पार्टी करते हैं जो इस बात का प्रमाण है कि शहर के लोगों को अब यह स्थान रास आने लगा है। यहां बैठकर आप बांध के नजारे का आनंद ले सकते हैं।

इसके अलावा यहां यात्रियों के लिए पेयजल और सुविधागृह भी बने हुए हैं। चूंकि अभी इस स्थान पर बहुत लोगों की आवाजाही नहीं होती इसलिए यह क्षेत्र शांत ही रहता है और यहां कमल के फूल भी बहुतायत में हैं। अभी यह स्थान प्रदूषण के दंश से काफी हद तक महफूज है।

और भी स्थानों का ले सकते हैं आनंद
यहां जाने वाले केवल इसी स्थान का आनंद नहीं ले सकते बल्कि मार्ग के अन्य स्थानों का भी लुत्फ ले सकते हैं। सांवेर में आप उल्टे हनुमानजी के दर्शन भी कर सकते हैं तो उज्जैन शुरू होने से पहले तपोभूमि के दर्शन भी कर सकते हैं। उज्जैन में क्षिप्रा नदी के दर्शन का लाभ भी ले सकते हैं।

यहां त्रिवेणी घाट पर बने शनि मंदिर के दर्शन भी आप कर सकते हैं। वैसे इन दिनों इंदौर-उज्जैन मार्ग पर नर्माणकार्य जारी है इसलिए इंदौर से उज्जैन पहुंचने में अपेक्षाकृत अधिक वक्त लग रहा है। ऐसे में कोशिश करें कि आप छुट्टी वाले दिन या शाम के वक्त नहीं जाएं क्योंकि इस दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या से आपको जूझना पड़ सकता है।

ऐसा है यहां पहुंचने का रास्ता
इंदौर से इस सफर के साथी बने राइड्स आफ राइडर्स के ज्ञानदीप श्रीवास्तव ने यहां पहुंचने का जो सुगम और सीधा मार्ग बताया वह इंदौर से उज्जैन और उज्जैन से बड़नगर जाने वाला मार्ग है। उज्जैन से बड़नगर की ओर करीब 12 किमी दूर यह स्थान है। यहां पहुंचने के लिए उज्जैन में प्रवेश करते ही नागदा जाने के लिए जो नया रास्ता बना है उसका चयन करना होगा। यहां बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर भी है तो बांध की खूबसूरती भी है। इस मंदिर के पास से ही रास्ता है जहां से गंभीर नदी पर बने डैम का पानी नजर आता है जहां वक्त बिताया जा सकता है। यहां गंभीर नदी के पानी को रोककर बांध बनाया गया है।

बांध से गिरता पानी तो अकर्षित करता ही है साथ ही यहां उज्जैन नगर निगम का पंपिंग स्टेशन भी बना हुआ है जहां से शहर में जल प्रदाय होता है। अर्थात आप प्रकृति के साथ मानव निर्मित कृति का भी आनंद ले सकते हैं, अपने ज्ञान को बढ़ा भी सकते हैं।

 

Source : Agency

3 + 7 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881