हाईकोर्ट ने बोला: 52 साल के अधेड़ की हरकतों पर हो कानून के तहत कार्रवाई, महिला पर POCSO लग सकता है

कर्नाटक 
POCSO एक्ट को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि यह कानून जेंडर न्यूट्रल है और इसके तहत एक महिला पर भी आरोप लगाए जा सकते हैं। सोमवार को अदालत एक अधेड़ महिला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसपर 13 साल के बच्चे के साथ साल 2020 में शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगे हैं। कोर्ट ने आरोपी महिला की याचिका को खारिज कर दिया है।

अदालत ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया कि यौन हिंसा या बलात्कार के आरोप एक महिला पर नहीं लग सकते। कोर्ट ने कहा है कि पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 यह साफ बताते हैं कि जो भी, 'एक नाबालिग को पेनेट्रेटिव या अन्य यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर करता है, तो वह अपराधी है।' कोर्ट ने कहा है कि प्रावधान की भाषा साफ करती है कि इसमें सभी शामिल हैं।

क्या था मामला
घटना साल 2020 की हैं। तब आरोपी महिला अर्चना की उम्र 48 और पीड़ित लड़के की उम्र करीब 13 साल थी। लड़के के पड़ोस में रहने वाली आरोपी महिला उसकी मां के जरिए नाबालिग के संपर्क में आई थी। पीड़ित की मां उसे पड़ोसी महिला के घर पर भेजती थी, ताकि वह इंस्टाग्राम पर उसकी पेंटिंग्स पोस्ट करने में मदद कर सके। खबर है कि आरोपी महिला ने ही इसके लिए रिक्वेस्ट की थी।

आरोपी ने मई और जून में दो मौकों पर बच्चे को संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। इस घटना से आहत बच्चे ने घर पर तुरंत जानकारी नहीं थी और साल 2024 में इसका खुलासा किया। खास बात है कि 2020 में ही नाबालिग का पूरा परिवार दुबई शिफ्ट हो गया था। पीड़ित ने दुबई में एक थैरेपिस्ट को बताया और बाद में शिकायत दर्ज कराई गई। बयान देने के समय पीड़ित की उम्र 17 वर्ष थी। खबर है कि आरोपी महिला ने बच्चे को डराया था कि इसके बारे में किसी को भी ना बताए, क्योंकि इससे दोनों मुश्किल में फंस जाएंगे। कहा जा रहा है कि आरोपी महिला का पति और बेटी विदेश में रहते हैं।

 

 

Source : Agency

11 + 12 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881