मुंह के छालों का घरेलू उपचार: दर्द और जलन से मिलेगी राहत

मुंह में छाले होना, कहने को तो बहुत छोटा-सा रोग है, मगर इसके कारण खाना-पीना बन्द हो जाता है। यदि कुछ खाना भी चाहें तो इसे ठीक से चबाना, इसका स्वाद लेना तथा निगल जाना कठिन हो जाता है और न ही पाचन क्रिया सक्रिय रह पाती है। यहां हम इसी के लिए कुछ घरेलू उपचारों को बता रहे हैं जो ठीक लगें, सम्भव हों, उन्हें जरूर अपनाएं...

-मुंह के छाले खत्म करने के लिए जामुन के पत्ते लें। इन्हें धोकर पीसें। छानें। इस पानी (रस) से कुल्ले करें।
-इस रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का रस निकालें। इस रस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। इस पानी से कुल्ला करें। आराम होगा।
-और भी सरल उपाय। तुलसी की ताजा पांच पत्तियां लें। इन्हें धोएं। चबाएं। खूब बारीक चबाकर निगलें। इसपर पानी तीन-चार घूंट धीरे-धीरे पी लें। आराम आयेगा।
-मुंह के छालों को हटाने के लिए बंसलोचन पीसें। छानें। इसे शहद में मिलाएं। मुंह के अंदर अंगुली से लगाएं।
-इस रोग के लिए आक के दूध की कुछ बूंदें निकालें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएं। मुंह में लगाने से जरूर लाभ होगा।
-मामूली मात्रा में पिसा कपूर तथा एक छोटा चम्मच पिसी मिश्री लें। दोनों को मिलाएं। मुंह में लगाने से फायदा होगा।
-एक और उपाय। थोड़ा-सा हरा पुदीना, इतना ही सूखा धनिया तथा समभाग मिश्री। तीनों को एक साथ मुंह में डालकर चबाएं। पूरा लाभ मिलेगा।
-मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए डिनर करने के बाद छोटी हरड़ चूसें। छालें गायब होने लगेंगे।
-शहतूत का रस भी छाले दूर करता है। एक-एक घूंट करके आधा गिलास एक समय लें। ऐसी दो खुराक रोज लेवें। आराम मिलेगा।
-यदि तरबूज का मौसम हो तो इसके छिलके जलाएं। राख तैयार करें। इस राख को लगाने से छालें नहीं रहेंगे।
-थोड़ा-सा सुहागा फुला लेंबारीक पीसें। इसे दो चम्मच ग्लिसरीन में मिलाएं। इसको लगाने से छाले दूर हो जायेंगे।
-मुंह के छाले नष्ट करने के लिए सत्यानाशी की टहनी लें। इसे दातुन की तरह थोड़ा चबाएं। अवश्य आराम आयेगा। आप जिस वातावरण में रहते हैं, वहां जो भी उपचार सम्भव हो पाए, उसे ही अपनाएं। ये सरल है, सस्ते हैं। लाभकर हैं, इसमें संदेह न करें।

 

 

#mouth ulcers

Source : Agency

14 + 10 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881