'भारत के पास विकल्प हैं, घाटा अमेरिका को होगा' — रूस से तेल पर एक्सपर्ट्स की दो टूक

नई दिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर भारी जुर्माना लगाने का ऐलान किया है। इसके बाद भारत ने साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत किसी कारणवश रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा। इसका असर भारत से ज्यादा अमेरिका पर पड़ेगा। क्योंकि, अमेरिका दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा कहते हैं, अमेरिका से रूस के तेल खरीदने पर जुर्माने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो खुद अमेरिका अछूता नहीं रहेगा। वहां भी तेल के दाम बढ़ेंगे। साथ ही मंहगाई बढ़ेगी। भारत पर भी इसका असर पड़ेगा पर अभी उसने रूस से तेल खरीदना जारी रखने की बात कही है।

पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकार मानते हैं, रूस पर पूरी तरह कच्चे तेल की खरीद बंद करना आसान नहीं है। क्योंकि, सभी देश अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेते हैं। किसी दबाव या रूस का कच्चा तेल महंगा होने पर आपूर्ति बंद होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। मांग और आपूर्ति में अंतर की वजह से कच्चे तेल के दाम सौ से 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते है।
रोज लाखों बैरल निर्यात

रूस रोजाना 50 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात करता है। भारत अपनी जरूरत का 33 से 40% तक तेल रूस से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो भारत पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। क्योंकि, भारत कच्चे तेल के मामले में अमेरिका के बाद तीसरा बड़ा आयातक है।
भारत के पास विकल्प

भारत करीब तीन दर्जन से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदता है। ऐसे में दूसरे देश से इस तेल की आपूर्ति की जा सकती है पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम है कि कंपनियां इस भार को सीधा उपभोक्ताओं पर डाल देंगी।
रूस से जमकर तेल आयात

भारत ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद कई पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इसके बाद रूसी तेल की कीमतों में आई कमी का लाभ उठाते हुए सस्ता तेल खरीदना शुरू किया। मई 2025 में भारत ने रूस से 1.96 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जो उसके कुल तेल आयात का करीब 38% है।
भारत खरीदता रहेगा रूस से तेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को दरकिनार करते हुए भारतीय तेल कंपनियां रूस से तेल खरीदेंगी। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को यह दावा किया। वहीं, इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि मैंने सुना है कि भारत ने रूस से तेल लेना बंद कर दिया है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह अच्छा फैसला है, लेकिन इस मामले में क्या हो रहा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है।

भारत सरकार के सूत्रों ने दावा किया कि तेल खरीद के लिए भारत ने रूस के साथ लंबे समय के लिए करार किया है। ऐसे में एक रात में तेल की खरीदारी बंद हो जाए,यह संभव नहीं है। अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। अधिकारियों ने कहा, रूस से तेल खरीदने के लिए भारत सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने रूस से तेल नहीं खरीदने के लिए भारतीय कंपनियों को कोई दिशा- निर्देश नहीं दिया है।

 

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Source : Agency

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