जल संकट से निपटने की पहल: प्रदेशभर में जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां आरंभ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और जल स्त्रोतों को नया जीवन देने के लिए प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा जल स्रोतों को संरक्षित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के समन्वय से गांव-गांव में तालाब, कुएं, चेकडेम और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कार्य आरंभ हो गये है। शासन के 18 विभाग की अभियान में सहभागिता हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अभियान’ को नोडल तथा नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के सह-नोडल विभाग बनाया गया है।

"जल गंगा संवर्धन अभियान" के अंतर्गत समाज की भागीदारी और विभिन्न सहभागी विभागों के माध्यम से नवीन जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। भूजल संवर्धन, जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई व मरम्‍मत तथा नवीनीकरण, जल संग्रहण संरचनाओं के अतिक्रमण हटाने के कार्य अभियान में किये जायेंगे। स्कूलों में पेयजल गुणवत्‍ता परीक्षण, आंगनवाड़ि‍यों तथा औद्योगिक इकाईयों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग के कार्य भी किये जायेंगे। जल स्‍त्रोतों में प्रदूषण के स्‍तर को कम करने, जल स्‍त्रोतों तथा जल वितरण प्रणालियों की साफ सफाई की जायेगी। राजस्‍व रिकार्ड में जल संग्रहण संरचनाओं व नहरों को अंकित करने और मानसून सत्र में किये जाने वाले पौधारोपण के लिए आवश्‍यक तैयारियों के कार्य किये जाएंगे।

अठारह विभागों की है सहभागिता

जल गंगा संवर्धन अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, वन, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, संस्कृति, जन अभियान परिषद और जनसंपर्क विभाग शामिल हैं।

नगरीय विकास विभाग द्वारा निकायों में अमृत 2.0 अंतर्गत जल संग्रहण संरचनाओं का जीर्णोद्धार, नदियों में मिलने नालों के शोधन की कार्य योजना बनाई गई है। तालाब, नदी, बावड़ी के संवर्धन एवं अतिक्रमण मुक्‍त करने का लक्ष्य रखा गया है। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कराने के साथ हरित क्षेत्र विकसित किये जायेंगे। जल संरक्षण में युवाओं की भागीदारी के लिए अमृत मित्र बनाकर 'माय भारत' पोर्टल पर पंजीकरण किये जायेंगे। नगरीय निकायों के प्रमुख स्‍थलों पर गर्मियों में पेय जल सुविधा के लिए जनसहयोग से सार्वजनिक प्‍याऊ की व्‍यवस्‍था करना जैसे कार्य भी कि‍ए जाएंगे।

अभियान में वन विभाग द्वारा जलग्रहण क्षेत्र उपचार योजना के तहत लगभग सवा लाख हेक्टेयर में भूजल संवर्धन के कार्य, कृषि विभाग द्वारा बलराम तालाब और लाइन फ़ार्म पोंड का निर्माण और पर्यावरण विभाग द्वारा विशेष तौर पर बेतवा, क्षिप्रा, कान्ह और गंभीर नदियों के उद्गम से अंतिम सीमा तक सर्वेक्षण कर दूषित जल के मिलने के स्थानों का चिन्हांकन किया जाएगा। स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ सभी स्कूलों में पेयजल स्रोतों के जल की गुणवत्ता का परीक्षण करेगा। उच्च शिक्षा विभाग अपनी गतिविधियों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता आधारित गतिविधियां आयोजित करेगा। जल संसाधन विभाग एवं नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा लघु सिंचाई योजनाओं के तालाबों की मरम्मत के साथ नहरों की सफ़ाई और स्टॉप डैम तथा बैराज की मरम्मत तथा नहर प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। उद्यानिकी विभाग सूक्ष्म सिंचाई क्षेत्र का विस्तार कार्य करेगा एवं विकासखंडों में पानी चौपाल का आयोजन कर लगभग 55 हज़ार हेक्टेयर में पौधरोपण का कार्य करेगा।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजस्व विभाग, पूर्व में बनाई गई ऐसी जल संरचनाएं जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, उन्हें राजस्व अभिलेख में दर्ज करने का कार्य करेगा। राजस्व विभाग द्वारा समस्त विभागों द्वारा पूर्व में बनाए गए तालाबों, चेकडेम और स्टॉपडेम एवं अन्य जल संरचनाओं के साथ ही जल संसाधन विभाग की नहरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाएगा।

 

 

#Jal Ganga Samvardhan Abhiyan

Source : Agency

10 + 8 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881