फिल्म से सीखा नकली नोट छापना, मास्टरमाइंड निकला 8वीं पास, 5 गिरफ्तार, मास्टर चाबी ने खोला राज

इंदौर

इंदौर के एक होटल के कमरे में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे। खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था।

छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू (25) आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारका (गुजरात) के मयूर चम्पा (25) से हुई, जिसने फिल्म 'फर्जी' देखने के बाद नकली नोट छापने का आइडिया सोचा था।

मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था।

सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान (32), प्रफुल्ल कोरी (19) जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु (30) और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया (42) भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए।

जल्दी अमीर बनना चाहते थे डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 13 अप्रैल को सूचना मिली कि इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि जल्दी अमीर बनने की नीयत से उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से होटल में छिपकर नकली नोट छापने का ठिकाना बनाया था। इन्हें अपने अन्य साथियों के माध्यम से बाजार में खपाने की योजना बना रखी थी। केस दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।

'मास्टर की' ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने  बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि यदि क्राइम ब्रांच ने समय रहते कार्रवाई नहीं की होती, तो यह गैंग नकली नोटों को बड़े पैमाने पर बाजार में चला देता।

 

Source : Agency

11 + 12 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881