रायपुर: परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीण बस योजना को बताया ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जीवनरेखा

रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप

परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की

ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना

रायपुर

परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है।

आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’

24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना - ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’

बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी।

ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार

वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

 

#Kedar Kashyap

Source : Agency

10 + 7 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881