शिवपुरी में शास्त्री ने कही सटीक बातें, राम विरोधियों और समाज को किया संदेश

शिवपुरी 
 बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की कथा की शुरुआत शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हुई. गुरुवंदना और कथा की पारंपरिक आरती के बाद बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कृष्ण भजन के साथ अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत गीता के पाठ की गंगा प्रवाहित की. इस दौरान उन्होंने वैचारिक हिंदू राष्ट्र की बात पर जोर दिया और यह भी कहा कि जो राम का नहीं वो हमारा नहीं.

विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए धीरेंद्र शास्त्री

कथा शुरू होने से पहले शास्त्री करैरा पहुंचे, जहांसाध्वी चित्रलेखा की कथा के अंतिम दिन उन्होंने बगीचा वाली काली मां और बगीचा वाले हनुमान के दर्शन किए. यहां उन्होंने कहा कि वह एक वर्ष के भीतर करैरा में पुनः कथा करने आएंगे. इसके बाद वे शिवपुरी कथा स्थल पहुंचे, जहां प्रथम दिन की आरती में वाल्मीकि समाज को मंच दिया गया.

राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी

शहर में पहली हो रही श्रीमद् भागवत पुराण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वैचारिक रूप से हिंदू राष्ट्र बनाना जरूरी है और इसके लिए वह दिन रात काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, '' जो राम का नहीं उसे त्यागना जरूरी है और वह हमारा नहींअगर हम त्यागी बनना चाहते हैं तो राम का विरोध करने वालों को त्यागना जरूरी है.'' उन्होंने कहा कि हमें जब तक चैन नहीं मिलेगा तब तक हम अपने घर को सुरक्षित नहीं कर लेंगे.

जात-पात, ऊंच-नीच नहीं, अखंड भारत को सोचो : धीरेंद्र शास्त्री

उन्होंने मध्य प्रदेश को अपना घर बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का हर जिला जब तक हिंदू राष्ट्र की पहल नहीं होगी तब तक हम भारत को अखंड भारत और हिंदू राष्ट्र बनाने के मिशन में सफल नहीं होंगे. शिवपुरी के नर्सरी ग्राउंड में हो रही श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने उन तमाम मुद्दों का जिक्र किया जिनके लिए वह जाने जाते हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हमें जाती-पाती और ऊंच नीच से ऊपर उठकर भारत को अखंड भारत के साथ हिंदू राष्ट्र में बदलने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है.''

बगीचा वाले सरकार पर माथा टेका

पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहले शिवपुरी जिले के करेरा में स्थित प्रख्यात हनुमान मंदिर बगीचा वाले सरकार पर पहुंचे और उन्होंने वहां माथा टेकाइस दौरान वहां करैरा में चल रही चित्र लेखा जी भागवत कथा के अंतिम अध्याय का श्रवण करते हुए उन्होंने अपनी कथा का शिवपुरी पहुंचकर आगाज किया

धमाके होते रहे और हम चलते रहे- शास्त्री

कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' हम कोई प्रोटोकॉल लेकर नहीं चलते बिल्कुल साधारण इंसान हैं और एक मानव होने के नाते मानवता के लिए काम कर रहे हैं. हम फरीदाबाद में हुए धमाकों से डरे नहीं बल्कि चलते रहे और अपनी यात्रा को पूरा करने की कोशिश में लग रहे.'' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, '' वह लगातार अपने मिशन में आगे बढ़ रहे हैं और लाखों लाखों लोग भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो रहे हैं, जो उनके प्रयास की सफलता का प्रमाण है.

 

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Source : Agency

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