शुभांशु शुक्ला का खुलासा – कैसे सपनों ने उन्हें पहुंचाया अंतरिक्ष तक

नई दिल्ली 
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि वह बचपन में शर्मीले और संकोची थे। युवावस्था में उन्होंने कभी अंतरिक्ष में जाने का सपना नहीं देखा था। भारतीय वायुसेना के एक कार्यक्रम में शुक्ला ने कहा कि उन्होंने राकेश शर्मा की ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान की कहानियां सुनीं। लेकिन युवावस्था तक उन्होंने यह नहीं सोचा था कि वह अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे। अंतरिक्ष यात्री ने हाल में संपन्न एक्सिओम 4 मिशन का हिस्सा बनने के अपने अनुभव को भी साझा किया। इस मिशन के जरिए वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बने। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्ला सहित गगनयान मिशन के चार अंतरिक्ष यात्रियों को सम्मानित किया और कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य चयनित गगनयात्रियों को रविवार को रत्न बताया। उन्होंने कहा कि गगनयान मिशन आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में एक नए अध्याय का प्रतीक है। सिंह ने यहां सुब्रतो पार्क में भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में चार गगनयात्रियों को सम्मानित किया। यह समारोह एक्सिओम 4 मिशन की सफलता के बाद आयोजित किया गया है जिसमें शुक्ला भी शामिल थे।

ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला चार चुने गए गगनयात्री हैं। इनके नामों का पहली बार खुलासा फरवरी 2024 में तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में किया गया था। मोदी ने गगनयान परियोजना की औपचारिक घोषणा 2018 में की थी। इस परियोजना का उद्देश्य तीन सदस्यीय चालक दल को 2027 में तीन दिवसीय मिशन के लिए 400 किलोमीटर की कक्षा में भेजना है।

 

 

#Shubhanshu Shukla

Source : Agency

10 + 10 =

ANKUR PANDEY(Owner/Editor)

Email: [email protected]

Mobile: 9200444084

C.G Office Add: Khairagarh, Chhuikhadan Gandai, KHAIRAGARH, Chhattisgarh, India 491881