बांग्लादेश चुनावी माहौल गरमाया, स्वदेश लौटेंगे तारिक रहमान

ढाका 

बांग्लादेश में आगामी चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. बांग्लादेश की नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. खांडेकर मोशर्रफ हुसैन ने बताया कि देश में आगामी आम चुनाव का कार्यक्रम नवंबर या दिसंबर में घोषित किया जाएगा.

उन्होंने भरोसा जताया कि चुनाव फरवरी 2026 तक जरूर संपन्न हो जाएगा और ये स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होगा, ताकि जनता अपने सांसद चुन सके और सरकार बना सके. साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी आम चुनाव में बीएनपी से निर्वासित नेता तारिक रहमान 17 साल बाद जल्द ही लंदन से बांग्लादेश लौटेंगे.

मौजूदा चुनाव प्रणाली पर जोर

डॉ. हुसैन ने बांग्लादेश की पारंपरिक चुनाव प्रणाली पर उठा रहे सवालों बोलते हुए कहा, 'देश में प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से ही सांसद चुने जाते हैं, जहां मतदाता किसी व्यक्ति को वोट देते हैं, न कि किसी दल को.'

उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के जनसंपर्क द्वारा उठाई जा रही (PR) प्रणाली की मांग को अप्रासंगिक बताया और कहा कि जनसंपर्क प्रणाली में मतदाता किसी व्यक्ति को नहीं, बल्कि किसी पार्टी को वोट देंगे... सांसद पार्टी के सदस्य होंगे. वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं होंगे. बांग्लादेश में इसकी उम्मीद नहीं है. इसलिए, हमारा दृढ़ विश्वास है कि बांग्लादेश में चुनाव वर्तमान प्रणाली के अनुसार ही होंगे. और कई लोकतांत्रिक देशों में यही व्यवस्था है.

उन्होंने ब्रिटेन और भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि इन लोकतंत्रों में भी सांसदों का सीधा चुनाव जनता करती है और फिर वे संसद में जाकर सरकार बनाते हैं.

अंतरिम सरकार पर भरोसा

BNP नेता ने वर्तमान अंतरिम सरकार की तारीफ की और कहा कि सत्ता संभालते वक्त उसने जनता से मताधिकार जल्द लौटाने का वादा किया था. उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि अंतरिम सरकार जनता से किया अपना वादा निभाएगी और हमें उम्मीद है कि चुनाव फरवरी 2026 में होंगे.

तारिक रहमान की वापसी

तारिक रहमान के बांग्लादेश लौटने के सवाल में उन्होंने कहा, 'हां हमने सुना है कि उन्होंने खुद घोषणा की है कि वह जल्द ही आएंगे और इसी तैयार भी चल रही है. हम सभी चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह आकर चुनाव में भाग ले सकें. हमें उम्मीद है कि तारिक रहमान जल्द ही बांग्लादेश आएंगे.'

कौन हैं तारिक रहमान

तारिक रहमान दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर्रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के पुत्र हैं, जिन्हें देश में अनुपस्थिति में कई मामलों में सजा सुनाई गई थी. शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

दरअसल, जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना को पीएम पद छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ. यूनुस ने लंदन जाकर तारिक रहमान से मुलाकात की और फरवरी 2026 में चुनाव की घोषणा की.

उधर, अंतरिम सरकार ने हसीना की आवामी लीग पार्टी की गतिविधियां निलंबित कर दीं और चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण भी रद्द कर दिया. इससे लगता है कि आवामी लीग को आगामी आम चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं मिलेगी.

 

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Source : Agency

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