ट्रंप का नोबेल सपना अधूरा रह जाएगा? जानें क्या कहती हैं संभावनाएं, 8 दिनों में होगा ऐलान

वाशिंगटन 
अमेरिका के राष्ट्रपति खुलकर जाहिर कर चुके हैं कि वह नोबेल पुरस्कार चाहते हैं। हालांकि, इसकी संभावनाएं कम ही नजर आ रही हैं। जानकारों का कहना है कि उन लोगों के पुरस्कार जीतने की संभावनाएं ज्यादा हैं, जो सुर्खियों से दूर हैं और भुला दिए गए मुद्दों पर काम कर रहे हैं। खास बात है कि ट्रंप ने उन्हें नोबेल पुरस्कार दिए जाने के तार अमेरिका के सम्मान से जोड़े हैं।

10 अक्तूबर शुक्रवार को पुरस्कारों की घोषणा की जानी है। एएफपी के अनुसार नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के कुछ जानकार बताते हैं कि अमेरिका फर्स्ट की नीति और विभाजनकारी तरीकों के चलते उन्हें पुरस्कार मिलने की संभावनाएं नहीं हैं। इतिहासकार ओविंद स्टीनर्सन ने कहा कि ट्रंप कई मायनों में उन आदर्शों के खिलाफ काम करते हैं, जिनका प्रतिनिधित्व नोबेल प्राइज करता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि उन्होंने 6 या 7 युद्ध खत्म कराए हैं। जबकि, जानकारों की राय इससे अलग है। SIPRI यानी स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रमुख करीम हैगाग ने कहा, 'नोबेल कमेटी आकलन करेगी कि शांति स्थापित करने में सफलता हासिल करने के स्पष्ट उदाहरण हैं या नहीं।' कहा जा रहा है कि नोबेल पीस प्राइज के लिए उम्मीदवारी जताने के लिए हजारों पात्र लोग हैं।

ट्रंप ने अमेरिका के सम्मान से जोड़े तार
ट्रंप ने कहा कि अगर सोमवार को घोषित गाजा संघर्ष को समाप्त कराने की उनकी योजना कामयाब हो जाती है तो उन्होंने कुछ ही महीनों में आठ संघर्षों को सुलझा लिया है। ट्रंप ने कहा, 'यह शानदार है। कोई ऐसा कभी नहीं कर पाया। फिर भी, ‘क्या आपको नोबेल पुरस्कार मिलेगा?’ बिल्कुल नहीं। वे इसे किसी ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने कुछ भी नहीं किया। वे इसे ऐसे व्यक्ति को देंगे जिसने डोनाल्ड ट्रंप के विचारों और युद्ध को सुलझाने के लिए क्या किया गया, इस पर कोई किताब लिखी है... जी हां, नोबेल पुरस्कार किसी लेखक को मिलेगा। लेकिन देखते हैं क्या होता है।'

उन्होंने कहा, 'यह हमारे देश के लिए बड़े अपमान की बात होगी। मैं आपको बता दूं कि मैं ऐसा नहीं चाहता। मैं चाहता हूं कि यह देश को मिले। यह सम्मान देश को मिलना ही चाहिए क्योंकि ऐसा कुछ पहले कभी नहीं हुआ। इस बारे में सोचिएगा जरूर। मुझे लगता है कि यह (गाजा संघर्ष को समाप्त करने की योजना) सफल होगा। मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा, क्योंकि मैं समझौतों के बारे में किसी से भी ज्यादा जानता हूं।' उन्होंने कहा, 'लेकिन, आठ समझौते करना वाकई सम्मान की बात है।'

 

 

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Source : Agency

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